Retailer कौन होता है – रिटेलर क्या होता है | कार्य

इस आर्टिकल में हम जानेंगे कि रिटेलर कौन होता है, रिटेलर कैसे बने, रिटेलर का मतलब क्या होता है, रिटेलर कितने प्रकार के होते हैं आदि. रिटेलर से संबंधित सारी जानकारी इस पोस्ट में जानेंगे.

Retailer कौन होता है – रिटेलर क्या होता है | कार्य

Retailer Kon Hota Hai

रिटेलिंग की बात करें तो रिटेलिंग एक वितरण प्रक्रिया है. सामान या सेवाओं को प्रदान करने और उन्हें इस्तेमाल करने के लिए ग्राहकों को बिक्री करने के लिए अपनाई जाने वाली प्रक्रिया को रिटेलिंग कहते हैं.

रिटेलिंग एक बिजनेस इकाई होती है जहां आप अपनी जरूरत के सामान खरीद सकें और रिटेलिंग उत्पात का निर्माण नहीं करती है. रिटेलिंग एक डिस्ट्रीब्यूटर ,थोक विक्रेता से सामान खरीदते हैं और उसे अंतिम उपभोक्ता को भेजते हैं.

Retailer Kya Hota Hai

रिटेलर एक व्यक्ति या बिजनेस इकाई हो सकती हैं जहां से लोग अपनी जरूरत की चीजें खरीदते हैं उसे ही रिटेलर कहते हैं. रिटेलिंग एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें आप किसी बिजनेस या कंपनी से उसकी सर्विस खरीदते हैं और फिर आप वस्तुओं को ग्राहकों तक पहुंचाने का काम करते हैं.

सबसे इंपोर्टेंट काम यही होता है.रिटेलर एक बड़ी प्रोसेस ( Process )होती है आज दुनिया में बहुत सारे रिटेलर है जो काम कर रहे है. यह वस्तुओं और सेवाओ में होता है.

Retailer Kaise Bane

रिटेलर बनने की पूरी प्रक्रिया नीचे दी गई है आपको स्टेप बाय स्टेप ( Step by Step ) इसे फॉलो करना है और आप रिटेलर बन जायेगे. एक रिटेलर जिस भी कंपनी का रिटेलर है.

उस कंपनी का सामान बेचता है. जैसे उदाहरण के लिए :- कि एयरटेल रिटेलर ग्राहकों को एयरटेल की सर्विस प्रोवाइड करवाएगा, ग्राहकों को सिम बांटने का काम करेगा, रिचार्ज करना, सिम पोर्ट करना आदि रिटेलर के द्वारा किए जाएंगे.

रिटेलर किसी भी चीज का हो सकता है चाहे वह किसी कंपनी का रिटेलर हो या किसी वस्तु का हो.

रिटेलर  3 प्रकार से बनते हैं

  • किसी वस्तु का रिटेलर
  • किसी कंपनी का रिटेलर
  • किसी सामान का रिटेलर

आप किस कंपनी का रिटेलर करना चाहेंगे आप पर निर्भर करता है इसके लिए आपको सबसे पहले उस कंपनी के बारे में सारी जानकारी होना चाहिए उसके बाद आप उस कंपनी में रिटेलर के लिए अप्लाई करेंगे.

अप्लाई करने के बाद कंपनी आपको उसका सामान थोक में दे देगी और उसके बाद आप ग्राहकों को सामान बेचना शुरू करेंगे और जो मुनाफा होगा. आपका होगा और कुछ हिस्सेदारी उस कंपनी की होगी.

जिस कंपनी का माल आप बेचते है इसी तरीके से आप फायदा ले सकते हैं और कंपनी का कमीशन भी है और आप अगर ऑनलाइन अप्लाई करना चाहे तो आप उस कंपनी का ऐप डाउनलोड कर सकते हैं.

जिस कंपनी में आप चाहते हैं उसके बाद आपको अपना एक अकाउंट बनाना होगा और उसके अकाउंट पर अपनी सारी जानकारी देनी होगी. उसके बाद उस कंपनी के द्वारा आपसे जो भी डिटेल मांगी जाएंगी. आपको देना होगी उसके 1 हफ्ते के बाद आपके पास और आईडी मिल जाएगा और उसके बाद आप रिटेलर बन सकते है.

Retailer Ke Karya

रिटेलर के निम्नलिखित कार्य होते है. जो नीचे दिए गए हैं

रिटेलर अंतिम उपभोक्ता को सामान देता है. वस्तुओं और सेवाओं को लोगों द्वारा उपभोग के लायक बनाना,उपभोक्ता और निर्माणकर्ता के बीच रिटेलर कड़ी होती है. रिटेलिंग ग्राहकों के साथ संपर्क नहीं करता है.

यह सीधे निर्माण कंपनी के साथ संपर्क करता है. रिटेलर का मतलब होता है किसी भी चीज को एक साथ खरीद लेना, डायरेक्ट कंपनी से माल को उठाकर ग्राहकों को दे देते हैं.

रीटेल क्या होता है

रीटेल एक सेल्स का ही पार्ट है एक निर्धारित स्थान से जैसे उदाहरण के लिए एक डिपार्टमेंट स्टोर, बुटीक या मेल द्वारा सीधे एक रिटेलर को एक साथ सारा सामान भेज दिया जाता है उसे ही रिटेलर कहते हैं.

भारत में रिटेलर एक बड़ी संख्या में पाए जाते हैं यह दो भागों में बटा हुआ है

  1. जनरल ट्रेड( General Trade )
  2. मॉडर्न ट्रेड (Modern Trade )

इसी दो भागों को मिलाकर रिटेलर बनता है.

Retailer Ka Matlab Kya Hai

रिटेल का मतलब होता है.जो माल को फुटकर बेचता है और रिटेलर फुटकर व्यापारी होता है जो लोगों को उनकी जरूरत की चीजें बेचता है.

रिटेल का क्या अर्थ है

रिटेलर एक छोटा व्यापारी होता है जो अंतिम उपभोक्ताओं तक उत्पाद को पहुंचाने का बहुत ही सरल तरीका है और यह काम करता है. रिटेलर का बहुत तेजी से क्षेत्र (Scope) बढ़ता जा रहा है और इसमें रोजगार की वृद्धि भी होती जा रही है.

रिटेलर कितने प्रकार के होते हैं

रिटेलर तीन प्रकार के होते हैं
स्टोर रिटेलिंग
नॉन स्टोर रिटेलिंग
कॉर्रिपोरेट रिटेलिंग