सचिव किसे कहते है – सचिव के कार्य – सचिव कैसे बने

आज आप इस पोस्ट में जानेंगे की सचिव किसे कहते है, Sachiv ke karya, Sachiv कैसे बने, Sachiv के प्रकार एवं Sachiv की योग्यता. यदि आप Sachiv बनना चाहते है, या उससे सम्बंधित कोई भी जानकारी चाहते हे तो आप इस पोस्ट में पढ़ सकते है.

सचिव किसे कहते है

सचिव वह व्यक्ति होता है जो अभिलेख आदि सुरक्षित रखता है. एवं इसे मंत्री या वजीर भी कहा जाता है यह किसी भी संस्था का उतरदायी व्यक्ति होता है. इसे इंग्लिश में secretary कहा जाता है, यह विभिन्न प्रकार की परियोजना प्रबंधन, संगठात्मक एवं संचार कोशल से अधिकारियो की सहायता करता है

Sachiv Ke Karya

Sachiv के निम्नलिखित कार्य होते है जी इस प्रकार है.

रिसेप्शन का कार्य : किसी कार्यलय में Sachiv रिसेप्शन के सभी प्रकार के कार्य सँभालते है जैसे गेस्ट के आने पर उनका स्वागत करना, नए कर्मचारियों से अच्छा व्यवहार बनाना.

बैठक की व्यवस्था : Sachiv सम्मेलन कक्ष में सभी तरह की तैयारी करता है बैठक में सामग्री इकठा करता है, बैठक की जगह स्थापित करता है, Sachiv बैठक में भाग लेता है बैठक में हो रहे सभी तरह के कार्य की हर मिनट पर खबर रखता है,

दस्तावेज़ की देखभाल : Sachiv का काम बहुत महत्वपूर्ण होता है ये सभी Employee एवं ग्राहकों की फाइलों की व्यवस्थित करता है और उन्हें संभाल कर रखता है यह फाइलों के आलावा कंपनी के सभी अन्य Important डॉक्यूमेंटस का रिकॉर्ड भी रखता है

विज्ञापन एवं पत्राचार : पत्राचार में लोगो को मेसेज भेजना, कॉल करना एवं ईमेल भेजना आता है जो भी व्यक्ति संगठन के अन्दर या बाहर आते है उनकी सभी तरह की जानकारी Sachiv अपने रिकॉर्ड में रखता है और किसी भी व्यक्ति के आने से पहले उसे मेसेज किया जाता है

Sachiv इसके आलावा व्यावसायिक सहयोगियों, ग्राहकों, श्रमिको या समुदायों से कॉल प्राप्त करते है और उनके प्रश्नो का जबाब देते है साथ ही Sachiv प्रबंधक की तरफ से मेसेज भेजने का काम भी करते है

दैनिक कार्य : Sachiv दैनिक कार्यो पर ध्यान देता है जैसे गेस्ट को पेयजल देना, Interview करवाना और Interview रद्द करवाना

Sachiv Kaise Bane

सचिव कई तरह के होते है और सचिव बन्ने के लिए सबकी अलग – अलग तरह की प्रक्रिया होती है. उसके लिए कैंडिडेट को पहले Decide करना होगा उसे किस area का सचिव बनना है उमीदवार को सचीव बन्ने के लिए 12th कक्षा से पास होना अनिवार्य है

Sachiv Ke Prakar

Sachiv विभिन्न प्रकार के होते है जो इस प्रकार है.

कार्यकारी सचिव: कार्यकारी Sachiv वह होता है जो किसी कम्पनी के भीतर या किसी वेशेष संगठन या विभाग के नेता का सहायक कर्मचारी होता है. यह कार्यालय के सभी कामो की देखभाल करता है, और उसकी जानकारी उनसे उच पद के कर्मचारियों को देता है.

क़ानूनी सचिव: क़ानूनी कार्यवाही से सम्बंधित सभी तरह के प्रशासनिक कार्यो की देखभाल करता है. क़ानूनी Sachiv एक तरह से वकील के द्वारा रखा जाता है, क़ानूनी Sachiv ग्राहकों और अन्य वकीलों के साथ मिलकर क़ानूनी दस्तावेज तैयार करते है और बैठको में शामिल होते है

चिकित्सा सचिव: चिकित्सा सचिव किसी भी अस्पताल, क्लिनिक, या डॉक्टर के कार्यालय में काम कर सकता है उसे दवा और स्वास्थ्य बिमा से सम्बंधित सभी प्रकार की जानकारी होती है.

मंत्रालय के सचिव: किसी भी मंत्रालय में सचिव मुख्य कार्यपालिका के रूप में ही कार्य करता है, जैसे वित्त मंत्रालय, विकास मंत्रालय, मानव संसाधन, सचिव. सचिव राज्य एवं केन्द्र सरकार में सरकारी विभाग के मुख्य सलाहकार होते है.

संसदीय सचिव: संसद के द्वारा संसदीय सचिव एवं सचिवो की नियुक्ति की जाती है. संसदीय बैठको के संचालन में संसदीय सचिव सहायता करता है एवं संसद के द्वारा ही इनके कार्यो का निर्धारण किया जाता है.

 Sachiv Ki Yogyata

Sachiv बन्ने के लिए उमीदवार की योग्यता एवं गुण

Adaptability: निजी सचिव में ये कई तरह के लोगो से मिलते है और Sachiv को हर तरह की परिस्थितियों, व्यक्तियों, एवं समस्याओ का समाधान करना होता है. कार्यालय में कभी बहुत ज्यादा तो कभी कम काम होता है, उमीदवार को उस परिस्थिति के हिसाब से अपने आप को अनुकूल बना लेना चाहिए. सचिव में हर कार्य को करने एवं कठिनाई का सामना करने की छमता होनी चाहिए.

शिष्टाचार: सचिव का व्यव्हार सभी व्यक्तियों के साथ अच्छा होना चाहिए. एवं यदि वह किसी भी ऑर्गेनाइजेशन में काम करता है, तो उसे, उस संस्था के सभी लोगो से अच्छी तरह व्यव्हार करना होता है. Sachiv को अपनी भाषा में please एवं thank you जैसे words का इस्तेमाल करना आना चाहिए

loyalty: सचिव पद के लिए loyalty बहुत महत्वपूर्ण होती है उसे अपने संगठन एवं ऑर्गेनाइजेशन के प्रति इमानदार होना चहिये Sachiv को अपने कार्यालयों के उद्देश्य तथा संगठन के aim का पता होना चाहिए.

समयपालन: यह एक बहुत महत्वपूर्ण गुण होता है जिसमे सचिव को अपने सभी कार्य समय पर करना होता है. उसे अपना काम समय पर शुरू करना चाहिए, उसे अपनी आर्गेनाइजेशन में समय पर आना चाहिए.

मधुर वाणी: उमीदवार की आवाज मधुर और अच्छी होनी चाहिए. क्योकि मोहक एवं मधुर आवाज लोगो को आकर्षित करती है, एवं लोग उस व्यक्ति को सुनना पसंद करते है जिसकी आवाज मधुर और मोहक होती है.

समय बचाने बाले गुण : सचीव को अपना लक्ष्य एवं समय सीमा निर्धारित करना चाहिए, कार्य की योजना बनाना, जो सुचना बार बार इस्तेमाल होती है. उसे अपने पास सेव करके रखना जैसे email id, mobile no. etc., महत्वपूर्ण कार्यो की सूची बनाये, अपने आप को सुव्यवस्थित एवं साफ – सुथरा रखे, तथा पहले सोचे विचार करे तब किसी भी कार्य को करे.

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