Rajya Sabha का सभापति कौन होता है – उपराष्ट्रपति कौन है

आज आप इस पोस्ट में जानेंगे की Rajya Sabha Ka Sabhapati Kaun Hota Hai और Up Rashtrapati Kaun Hai, उपराष्ट्रपति के कार्य, उपराष्ट्रपति की शक्तिया, उपराष्ट्रपति के चुनाव, उपराष्ट्रपति का कार्यकाल एवं यदि आप उपराष्ट्रपति से सम्बन्धीत और जानकारी चाहते हे तो आप इस पोस्ट में पढ़ सकते है.

Rajya Sabha का सभापति कौन होता है – उपराष्ट्रपति कौन है

Rajya Sabha Ka Sabhapati Kaun Hota Hai

राज्य सभा का सभापति उपराष्ट्रपति को कहा जाता है उपराष्ट्रपति राज्य सभा का सभापति होता है. इसे अंग्रेजी भाषा में Vice President कहा जाता है भारत में राष्ट्रपति के पद के बाद उपराष्ट्रपति का पद कार्यरत रहता है यह दूसरा सबसे बड़ा पद होता है. राज्यसभा के अध्यक्ष के रूप में उपराष्ट्रपति विधानसभा के विधायी कार्यो में भी भाग लेता है.

Up Rashtrapati Kaun Hai

भारत में वर्तमान उपराष्ट्रपति श्री वैंकेया नायडू जी है जिन्हें 5 अगस्त 2017 को चुना गया है ये भारत के 13 वे उपाध्यक्ष है यह राज्यसभा का सभापति होगा और अन्य किसी तरह के लाभ का निर्वाहन नहीं करेगा.

परंतु यदि उपराष्ट्रपति किसी समय सीमा के दौरान अनुच्छेद 65 के अधीन राष्ट्रपति के रूप में कार्य करता है या राष्ट्रपति के कर्तव्यों का पालन करता है उस समय सीमा के दौरान उपराष्ट्रपति राज्यसभा के सभापति के पद के कर्तव्यों का पालन नहीं कर सकता है और उपराष्ट्रपति अनुच्छेद 97 के तहत राज्य सभा के सभापति वेतन या भत्ते का हक़दार नहीं हो सकता है.

राष्ट्रपति के पद में आकस्मिक रिक्ति या राष्ट्रपति की अनुपस्थिति के दौरान उपराष्ट्रपति, राष्ट्रपति के रूप में सभी कार्यो का निर्वाहन करता है.

Up Rashtrapati Ke Karya

उपराष्ट्रपति के कार्य निम्नलिखित हे जो इस प्रकार है.

  • राष्ट्रपति की अनुपस्थिति के दौरान उपराष्ट्रपति को राष्ट्रपति के कार्य का निर्वाहन करना होता है जैसे राष्ट्रपति की मृत्यु, पद त्याग, पद से हटाए जाने या अन्य किसी कारण से राष्ट्रपति की अनुपस्थिति में उपराष्ट्रपति राष्ट्रपति के कर्तव्यों का निर्वाहन करता है.
  • उपराष्ट्रपति, राष्ट्रपति के पद पर तब तक कार्य करता है जब तक राष्ट्रपति का पद रिक्त रहता है या कोई और नया राष्ट्रपति नहीं बन जाता है.
  • उपराष्ट्रपति,राष्ट्रपति की अनुपस्थिति, राष्ट्रपति के बीमार होने पर या अन्य किसी कारण से अपने कर्तव्य का पालन नहीं कर पाता या असमर्थ होता है उस परिस्थिति में उपराष्ट्रपति, राष्ट्रपति के सभी कर्तव्यों को संभालता है.
  • उपराष्ट्रपति का मुख्य काम राज्य सभा की अध्यक्षता करना होता है.
  • उपराष्ट्रपति राज्य सभा का सभापति होता है उपराष्ट्रपति सभा को स्थगित कर सकता है या बैठक को निलंबित भी कर सकता है.
  • उपराष्ट्रपति सभा की प्रक्रिया में या कार्य संचालन में समितियों की कार्यवाही आदि का कार्य भी करता है.
Up Rashtrapati Ki Shaktiyan

राष्ट्रपति के बाद उपराष्ट्रपति ही भारत के सबसे शक्तीशाली व्यक्ति माने जायेंगे और इनमे कुछ शक्तिया उप राष्ट्रपति के कार्यालय से भी जुड़ी होती है.

उपराष्ट्रपति, राष्ट्रपति की अनुपस्थिति में राष्ट्रपति के रूप में सभी कार्य करते है उपराष्ट्रपति को राष्ट्रपति द्वारा प्राप्त सभी शक्तियाँ और अधिकार प्राप्त हो जाते है उपराष्ट्रपति राज्यसभा में अध्यक्षता भी करता है उपराष्ट्रपति वोटो की समानता के मामलो में वोट डालने का अधिकार भी रखता है.

Up Rashtrapati Chunav Prakriya

उपराष्ट्रपति के लिए चुनाव प्रक्रिया इस प्रकार है

  • उपराष्ट्रपति के चुनाव निर्वाचन मंडल (इलेक्टोरल कॉलेज) करवाता है इस पद के लिए चुना गया प्रत्येक व्यक्ति संसद के लोगो की पसंद होता है
  • राष्ट्रपति के चुनाव की तरह ही उपराष्ट्रपति का चुनाव भी गुप्त मतपत्र द्वारा एक हस्तांतरण वोट की प्रकिया के माध्यम से किया जाता है चुनाव के दौरान संसद के दोनों सदनों की सभी सदस्य शामिल होते हैं जो उपराष्ट्रपति के चुनाव करने के लिए अपने वोट डालते हैं
  • उपराष्ट्रपति और राष्ट्रपति के चुनाव में थोड़ा अंतर होता है राज्य विधान सभा के सदस्यों की उपराष्ट्रपति के चुनाव में कोई भूमिका नहीं होती है
  • भारत के चुनाव आयोग चुनाव आयोजित करते समय सुनिश्चित करते हैं कि सभी जिम्मेदारियां स्वतंत्र और निष्पक्ष चरणों में आयोजित की जाएं.
  • चुनाव के लिए नियुक्त चुनाव निर्वाचन मंडल अधिकारी उपराष्ट्रपति के कार्यालय में चुनाव की तारीख जारी करने वाला सार्वजनिक नोटिस भेजता है
  • उपराष्ट्रपति का चुनाव पहले उपाध्यक्ष(उपराष्ट्रपति) के पद की समाप्ति के बाद, 60 दिनों की अवधि के अंदर आयोजित किए जाते हैं
  • उपराष्ट्रपति के कार्यालय में उम्मीदवारों के नामांकन की पुष्टि 20 संसद के सदस्य द्वारा की जाती है प्रत्येक उम्मीदवार को नामांकन प्रक्रिया के दौरान भारतीय रिजर्व बैंक को ₹15000 जमा करना होता है
  • रिटर्निंग अधिकारी सभी योग्य उम्मीदवारों के नाम की सावधानीपूर्वक जांच करता है और उन्हें जोड़ता है
Up Rashtrapati Ki Yogyata

उपराष्ट्रपति के लिए योग्यता इस प्रकार है.

  • वह उमीदवार भारत का नागरिक होना चाहिए.
  • वह उमीदवार 35 वर्ष की आयु पूर्ण कर चूका होना चाहिए
  • वह उमीदवार राज्य सभा का सदस्य होने की योग्यता रखता हो.
  • उपराष्ट्रपति बनने के लिए उस उमीदवार का राज्य या संघ राज्य क्षेत्र में संसदीय निर्वाचन क्षेत्र का जिस जगह से वह प्रतिनिधित्व करने के लिए निर्वाचित होना चाहता हे का मतदाता होना चाहिए
  • उपराष्ट्रपति बनने के लिए निर्वाचन के समय वह उमीदवार भारत सरकार, राज्य सरकार या किसी प्रकार के लाभ के पद पर नहीं होना चाहिए
Up Rashtrapati Ka Karyakal

उपराष्ट्रपति का कार्यकाल 5 वर्ष का होता है राज्यों के परिषद तत्कालिक सदस्यों के बहुमत से पारित राज्यों के एक प्रस्ताव के द्वारा उपराष्ट्रपति को उसके पद से हटा सकते हैं साथ ही लोक सभा द्वारा सहमति भी व्यक्त की जा सकती है यदि उपराष्ट्रपति चाहे तो वह अपने हाथ से लिख कर राष्ट्रपति को संबोधित करके अपना इस्तीफा भी दे सकता है पूर्व राष्ट्रपति के इस्तीफा देने के बाद दुसरे उपराष्ट्रपति को बची हुई अवधि पूरा करने के लिए चुना जाता है.

उपराष्ट्रपति से सम्बंधित – FAQ

उप राष्ट्रपति कौन है.

भारत के उप राष्ट्रपति श्री वैंकेया नायडू जी है.

Up Rashtrapati Ka Vetan Kitna Hai

भारत में उपराष्ट्रपति को 1.25 लाख रुपय प्रति माह मिलते है.

Rajya Sabha Ke Sabhapati Ki Niyukti Kaun Karta Hai

राज्य सभा के सभापति की नियुक्ति राज्य सभा के सदस्यों के द्वारा की जाती है.

Up Rashtrapati Ko Sapath Kon Dilata Hai

उपराष्ट्रपति को शपथ माननीय राष्ट्रपति जी दिलाते है.

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