Member of Parliament क्या है – Sansad किसे कहते है

आज आप इस पोस्ट में जानेंगे की Mp Kon Hai और Sansad Kise Kahate Hain, संसद के लिए योग्ताये, संसद के चुनाव, संसद के कार्यकाल, संसद के कार्य, संसद की शक्तिया एवं यदि आप संसद बनना चाहते है तो उससे सबंधित सम्पूर्ण जानकारी आप इस पोस्ट में पद सकते है.

Member of Parliament क्या है – Sansad किसे कहते है

Mp Kon Hai

MP का full form Member of Parliament होता है जो किसी भी संसद का सदस्य होता है जिसे वोटो द्वारा चुना जाता है ये राज्यसभा का सदस्य होता है MP को संसद भी कहा जाता है परन्तु MP शब्द का ज्यादातर इस्तेमाल सदन या लोकसभा के सदस्यों के द्वारा किया जाता है परन्तु राज्यसभा के सस्यो को भी MP कहा जाता है.

Sansad Kise Kahate Hain

लोकसभा, राज्यसभा, एवं राष्ट्रपति इन तीनो के सदस्यों को ही संसद कहा जाता है जब भी कोई नया कानून बनता है तो ये तीनो मिलकर उसे पास करते है इनके पास करने के बाद ही यह माना जाता है, की यह कानून संसद द्वारा पास हो गया है परन्तु यदि पहले से कोई कानून चल रहा है, उसे हटाना होता है तो उस स्थिति में दो तिहाई बहुमत की आवश्यकता होती है. संसद की सयुक्त बैठक की अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्ष करते है.

Sansad के लिए योग्यताये

संसद का सदस्य बनने के लिए व्यक्ति को कई बातो का ध्यान रखना होता है जो इस प्रकार है.

  • वह व्यक्ति पहले से किसी सरकारी लाभ के पद पर ना हो.
  • लोकसभा सांसद बनने के लिए उम्मीदवार का भारत का नागरिक होना आवश्यक है.
  • उस व्यक्ति की न्यूनतम आयु 25 वर्ष होनी चाहिए.
  • वह व्यक्ति पागलिया दिवालिया नहीं होना चाहिए.
  • वह उम्मीदवार संविधान के प्रति सच्ची निष्ठा रखता हो.
Sansad Chunav

संसद तीन प्रकार लोकसभा राज्यसभा और राष्ट्रपति लोकसभा एवं राज्यसभा सांसद बनने के लिए अलग-अलग प्रक्रिया होती हैं जो इस प्रकार हैं.

लोकसभा संसद

  • लोकसभा सांसदों का चुनाव प्रत्यक्ष रूप से जनता द्वारा किया जाता है लोकसभा सदस्यों की अधिकतम संख्या 552 होती है.
  • इसमें 530 सदस्य राज्यों और 20 सदस्य संघराज्य क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करते हैं.
  • प्रत्येक राज्य में सीटों का आवंटन  राज्य की जनसंख्या के अनुसार किया जाता है.
  • SC और ST वर्ग के लोगों के लिए 131 सीटे होती है, जिसमें 84 सीट SC और 47 सीट ST वर्ग के लोगों के लिए होती है.

राज्यसभा संसद 

  • राज्यसभा सदस्यों का चुनाव राज्य विधान सभा के सदस्यों के द्वारा किया जाता है इसमें विधान परिषद के सदस्य वोट नहीं डाल सकते है
  • राज्यसभा के चुनाव में सभी विधायक अपने प्रिय उमीदवार को वोट देते है उसके बाद दूसरी और तीसरी बार नामांकित करने के लिए मिनिमम 10 सदस्यों की आवश्यकता होती है
  • राज्यसभा के सदस्यों में उन सीटो को विभाजित कर दिया जाता है.
  • राज्यसभा में उसके प्रतिनिधियों की संख्या जनसंख्या पर निर्भर करती है
  • राज्यसभा में 250 सदस्यों के लिए सीटे होती है.
  • राज्यसभा में राष्ट्रपति के द्वारा 12 सदस्य चुने जाते हैं तथा 238 संघराज्य क्षेत्रों और राज्यों के द्वारा चुने जाते हैं.
Sansad Ke Karyakal

संसद में लोकसभा के सदस्यों के लिए उनका कार्यकाल 5 वर्ष का होता है एवं राज्यसभा के सदस्यों के लिए उनका कार्यकाल 6 वर्ष का होता है राज्यसभा में प्रत्येक 2 वर्ष में उनके एक तिहाई सदस्य सेवानिवृत हो जाते है परन्तु उनकी बजह से राज्यसभा कभी भंग नहीं होती है.

Sansad Ke Karya

संसद के कार्य निम्नलिखित है.

  • संसद का कार्य कार्यपालिका का नियंत्रण करना होता है.
  • किसी भी विधानमंडल के प्रमुख काम कानून बनाना होता है संसद उन सभी विषय पर कानून बनाते है जो संघ सूचि और समवर्ती सूचि दोनों में शामिल होते है.
  • संसद का महत्वपूर्ण वित्त पर नियंत्रण करना होता है.
  • सभी महत्वपूर्ण प्रशासनिक नीतियों पर विचार – विमर्ष संसद में किया जाता है संसद इसमें अपने परामर्श और निर्णय को रखती है
  • संसद संविधान में संशोधन का कार्य करती है उस संशोधन को लोकसभा या राज्यसभा में पेश किया जाता है
  • संसद का काम राष्ट्रपति और उप राष्ट्रपति चुनाव में भी होता है
  • संसद के सदस्य न्यायिक कार्य करते है
Sansad Ki Shaktiyan

संसद की शक्तिया कुछ इस प्रकार है.

  • संसद के पास विधि निर्माण की शक्ति होती है
  • संसद के पास वित्त पर पूर्ण अधिकार होता है संसद द्वारा निर्मित विधि के द्वारा ही भारत की संचित निधि से धन निकाला जाता है
  • संसद के सदस्य कई प्रस्तावों के माध्यम से मत्री परिषद पर नियंत्रण रखती है एवं मंत्री परिषद् को संसद के प्रति उतरदायी बनाये रखती है
  • संसद राज्यों का विघटन कर सकती है एवं कई राज्यों को मिलकर एक राज्य बना सकती है एवं या किसी भी विधमान राज्य को किसी दुसरे विधमान राज्य में सम्मिलित कर सकती है
  • संसद को संविधान में संशोधन करने का अधिकार होता है परन्तु यह अधिकार असीमित नहीं होता है संसद संविधान संशोधन द्वारा संविधान को परिवर्तित नहीं कर सकती है
  • संसद के निर्वाचित सदस्य राष्ट्रपति के निर्वाचन में भाग नहीं लेते है एवं संसद उप राष्ट्रपति को निर्वाचित करती है
  • संसद के पास महाभियोग की शक्ति होती है
Sansad से सम्बंधित – FAQ

Sansad Ki Salary Kitni Hai

संसद के सदस्यों की सैलरी 291833 रुपय प्रति महीने मिलती है.

Sansad Ko Kaun Chunta Hai

संसद को भारत के नागरिक जो 18 वर्ष पूर्ण कर चूका हो जिसे मत देने का अधिकार हो के द्वारा चुना जाता है.

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