Mlc क्या होता है – विधान परिषद का क्या काम है

आज आप इस पोस्ट में जानेंगे की Mlc Kya Hota Hai और Mlc Ka Kya Kaam Hota Hai विधान परिषद् को कैसे चुना जाता है, विधान परिषद का कार्यकाल, विधान परिषद की योग्यता, MLC कैसे बने एवं यदि आप एमएलसी बनना चाहते है तो उससे सम्बंधित सम्पूर्ण जानकारी आप इस पोस्ट में पढ़ सकते है

Mlc क्या होता है – विधान परिषद का क्या काम है

Mlc Ka Full Form

MLC का full form Member of Legislative Council होता है इसे हिंदी में विधान परिषद का सदस्य कहा जाता है

Mlc Kya Hota Hai

MLC विधान परिषद राज्य विधान मंडल का उच्च सदन माना जाता है विधान सभा के सदस्यों को MLC कहा जाता है विधान परिषद का एक सदस्य स्थानीय निकायों, राज्यपाल, राज्य विधानसभा, स्नातक और शिक्षकों द्वारा 6 साल की अवधि के लिए चुना जाता है एवं प्रत्येक 2 वर्ष में सदस्यों को सेवानिवृत्त किया जाता है, एमएलसी भारत के नागरिक होते हैं.

भारत में केवल 6 राज्यों में विधान परिषद स्थापित किए गए हैं. जैसे कर्नाटक, बिहार, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना.  विधान परिषद में प्रत्येक वर्ष एक तिहाई सदस्य अपने पद से त्याग देते हैं इनके स्थान पर नए सदस्यों को नियुक्त किया जाता है. यदि विधानसभा में किसी की मृत्यु हो जाती है या कोई उमीदवार उस पद से अपना त्यागपत्र दे देता है तो इस स्थिति में  अचानक हुई रिक्ति को भरने के लिए चुनाव कराया जाता है परंतु वह व्यक्ति उस पद पर जब तक रहेगा जब तक मरे हुए एवं त्यागपत्र बाले व्यक्ति का कार्यकाल होगा.

Mlc Ka Kya Kaam Hota Hai

MLC के कार्य निम्नलिखित है जो इस प्रकार है.

  • MLC मंत्री मंडल में कानून बनाने और समस्याओ पर चर्चा तथा अपना प्रस्ताब भी रखती है.
  • MLC में विधान मंडल के सदस्य सामिल होते है.
  • MLC विधान परिषद् के कार्यो पर विशेष ध्यान देता है.
  • MLC का काम बिलों को स्वीकार और अस्वीकार करना भी होता है.
Mlc Ka Karyakal

MLC का कार्यकाल 6 साल का होता है परन्तु प्रत्येक 2 वर्ष में विधान परिषद के एक तिहाई या कुछ सदस्य ख़तम हो जाते है MLC के कुछ सदस्यों को राज्यों के राज्यपाल के द्वारा नोमिनेट किया जाता है

Mlc Ko Kaun Chunta Hai

MLC का चुनाव साधारण चुनाव नहीं होता है इसमें सदस्यों को अलग – अलग प्रक्रिया के द्वारा चुना जाता है जो इस प्रकार है.

  • MLC के एक तिहाई सदस्यों को विधान सभा के सदस्यों के द्वारा चुना जाता है यह उन सदस्यों को चुनती है जो विधान परिषद के सदस्य नहीं है.
  • नगर पालिका, जिला बोर्ड और अन्य प्रधिकरण के सदस्यों के द्वारा विधान परिषद के कुछ सदस्यों को चुनाव किया जाता है.
  • एमएससी के चुनाव में उन लोगों को शामिल किया जाता है, जिन्होंने 3 साल तक राज्य के अंदर शैक्षणिक संस्थाओं में पढ़ाई की हो.
  • एमएलसी के चुनाव में उन व्यक्तियों को भी शामिल किया जाता है जिन्होंने 3 साल पहले ही अपनी पढ़ाई पूरी कर ली हो.
  • जो व्यक्ति विज्ञान कला,  साहित्य और सामाजिक सेवा में अपना महत्वपूर्ण योगदान देते हैं उन सदस्यों को राज्यपाल द्वारा चुना जाता है.
Mlc Ke Liye Yogyta

एमएसजी बनने के लिए कई बातों का ध्यान रखना होता है

  • एमएससी बनने के लिए उम्मीदवार का भारत का नागरिक होना आवश्यक है.
  • वह व्यक्ति कम से कम 30 वर्ष का होना चाहिए.
  • वह कैंडिडेट मानसिक रूप से स्वस्थ होना चाहिए एवं राज्य में मतदाताओं की सूची में उसका नाम होना चाहिए.
  • वह उम्मीदवार मानसिक रूप से पागल या दिवालिया नहीं होना चाहिए.
  • वह उम्मीदवार समान समय में वह संसद का सदस्य या किसी सरकारी पद पर नियुक्त नहीं होना चाहिए.
  • वह क्षेत्र में एमएलसी बनना चाहता है उस क्षेत्र का निवासी होना चाहिए.
Mlc kaise bane

विधान परिषद का सदस्य बनने के लिए उमीदवार को राज्य के अन्दर शैक्षणिक संस्थाओ में पड़ी करनी होती है जिससे वह विधान परिषद् का सदस्य बनने के लिए चुना जाये.

MLC बनने के लिए कुछ सदस्यों के नामो को जिन्हें बहुमत से पारित किया हो को सबसे पहले संसद में भेजा जाता है. विधान परिषद बनने के लिए एक तिहाई सदस्य राज्य की नगर पालिका, जिला बोर्ड और स्थानीय संस्थाओं द्वारा निर्वाचित किए जाते हैं एवं कुछ व्यक्ति ऐसे होते हैं जो कम से कम 30 वर्ष तक ग्रेजुएशन की डिग्री पूरी कर चुके हो.

विधानसभा क्षेत्र में मतदाता हो Article 171 के अनुसार लोकसभा और राज्यसभा के बहुमत के आधार पर इस प्रस्ताव को पारित किया जाता है इस पारित प्रस्ताव को राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के लिए भेजा जाता है जिसके बाद विधान परिषद का गठन करने के लिए वे मंजूरी देते है. राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद MLC का गठन होता है, MLC में सदस्यों की संख्या ज्यादा नहीं होती है.

MLC से सबंधित – FAQ

एमएलसी का वेतन कितना होता है.

MLC का वेतन 250000 रुपय प्रति माह होता है, एवं MLC को कुछ वेतन भत्ता भी दिया जाता है.

एमएलसी का कार्यकाल क्या होता है.

MLC के सदस्यों का कार्यकाल 6 वर्ष होता है.

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