District Magistrate किसे कहते है – Dm कौन होता है

आज आप इस पोस्ट में जानेंगे की Dm Kise Kahate Hain और Dm Kon Hota Hai, DM के कार्य, DM के फायदे एवं शक्तिया, DM की योग्यता, DM के लिए परीक्षा form एवं यदि आप डीएम बनना चाहते है तो उससे सम्बंधित सम्पूर्ण जानकारी आप इस पोस्ट में पढ़ सकते है 

District Magistrate किसे कहते है – Dm कौन होता है

Dm Ka Full Form

DM का full form District Magistrate होता है और इसे हिंदी में जिला Magistrate भी कहते है. इसे जिला प्रमुख, जिला न्भीयायाधीश या मुख्य प्रशासनिक अधिकारी कहते है.

Dm Kise Kahate Hain

DM या जिला कलेक्टर एक ही होता है यह जिले का सबसे बड़ा पद होता है जो जिले का मुख्य अधिकारी होता है DM के पद पर आसीत व्यक्ति Indian Civil Service पर अधीन होता है इस पद की सुरुआत 1977 में की गई गई थी. IAS पद पर आसीत व्यक्ति को ही DM का पद दिया जाता है. DM के पास जिले से सम्बंधित सभी अधिकार एवं शक्तिया होती है.   

Dm Kon Hota Hai

जिला अधिकारी, जिला प्रमुख या जिला मजिस्ट्रेट को DM कहा जाता है. ये जिले का मुख्य, प्रशासनिक, राजस्व एवं विशेष अधिकारी होता है जिस जिले का वह District Magistrate होता है, उस पुरे जिले को वह सेवा प्रदान करता है. यह पुरे जिले में सुरक्षा व्यवस्था बनाये रखता है यह जिले का मुखिया होता है.

Dm Ke Karya Kya Hai

DM के कार्य निम्नलिखित है जो इस प्रकार है 

  • जिला प्रमुख भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी होता है यह किसी भी जिले का सर्वोच्च कार्यकारी व्यक्ति होता है 
  • इसका काम जिले में कानून व्यवस्था बनाये रखन है.
  • DM पुलिस को नियंत्रण और निर्देश भी दे सकता है.
  • दिस्त्रिक्ट्याह जिले में प्रबंधन का कार्य करता है  
  • District Magistrate के अन्दर अधीनस्थ कार्यकारी मजिस्ट्रेटो का निरिक्षण भी यही करता है.
  • यह म्रत्यु दंड के कार्यान्वयन को प्रमाणित करता है.
  • डीएम का काम क्रषि ऋण का वितरण करना भी होता है 
  • DM बकाया आयकर, उत्पादन शुल्क, सिंचाई बकाया शुल्क को वसूलना आदि का काम भी करता है.
  • इसका काम जिला बैंकर समन्वय समिति की एवं जिला योजना केन्द्र की अध्यक्षता करना होता है
  • जिला अधिकारी बाढ़, सुखा, महामारी या कोई भी प्राक्रतिक आपदा आने पर हुई समस्या पर आपदा प्रबंधन का काम भी करता है  
  • डीएम भूमि राजस्व का संग्रहण, भूमि के दस्तावेजो का रख रखाव, और भूमि को जोतना या उसमे कुछ सुधार करवाने का काम भी करता है.
DM Ke Fayde or shaktiya 
  • DM को कई तरह के फायदे दिए जाते है, जैसे उन्हें रहने के लिए बंगला, गाड़ी, मेडिकल, सुरक्षा गार्ड, फोन आदि.
  • डीएम के पास इतनी शक्ति होती है की अगर वो चाहे तो अपने जिले में किसी भी मुख्यमंत्री को आने से रोक सकता है.
  • यह जिले के सभी सरकारी विभाग का मुखिया या जिलाधिकारी होता है.
  • जिले के किसी भी क्षेत्र की सरकारी इंडस्ट्री या प्राइवेट इंडस्ट्री को जिलाधिकारी ही कंट्रोल करता है. 
  • किसी भी जिले के डीएम को मुख्यमंत्री हटा नहीं सकता वह सिर्फ उसका ट्रान्सफर कर सकता है.
  • धारा 144, जिले में या शहर में curfew एवं law and order से सबंधित सभी महत्वपुर्ण निर्णय डीएम ही लेता है 
  • भीड़ पर करवाई या फायरिंग करने का आर्डर भी डीएम दे सकता है 
DM Ke Liye Qualification

डीएम बनने के लिए विधार्थी की कड़ी मेहनत करनी होती है. जिला प्रमुख अधिकारी बनने के लिए विधार्थी को UPSC Exam की तैयारी करनी होती है. DM बनने के सबसे पहले विधार्थी को UPSC के द्वारा CSC Exam देनी होती है. जिसके बाद व्यक्ति IAS अधिकारी बन जाता है. जिसके प्रमोशन के बाद उसे जिलाधिकारी (District Magistrate) बना दिया जाता है. 

DM Ke Liye Yogyta

DM बनने के लिए निम्नलिखित योग्यताये होनी चाहिए जो इस प्रकार है 

  • District Magistrate बनने के लिए विधार्थी का किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से डिग्री प्राप्त करना आवश्यक है.
  • वह व्यक्ति भारत का नागरिक होना चाहिए.
  • जो व्यक्ति सामान्य वर्ग से है उसकी आयु 21 वर्ष से 30 वर्ष के बीच होनी चाहिए 
  • OBC वर्ग के व्यक्तियों के लिए उनकी आयु 21 वर्ष से 33 वर्ष के मध्य होनी चाहिए 
  • SC/ST वर्ग के उमिद्वारो की न्यूनतम आयु 21 वर्ष एवं अधिकतम आयु 35 वर्ष होनी चाहिए
  • जिला अधिकारी बनने के लिए उस विधार्थी की हाईट कम से कम 5 फिट या 6 इंच होनी चाहिए.  
DM Pariksha Form 

DM परीक्षा फॉर्म भरने के लिए विधार्थी को इन बातो को ध्यान रखन चाहिए जो इस प्रकार है 

  • सबसे पहले विधार्थी को UPSC की सरकारी वेबसाइट पर जाकर चेक करना होता है.
  • जैसे ही सरकारी फॉर्म निकलते है उसके लिए विधार्थी को ओनलाईन आवेदन देना होता है. जिसके लिए विधार्थी को CSC परीक्षा की तैयारी करनी होती है.
  • डीएम बनने के लिए विधार्थी को तीन Exam देनी होती है प्राथमिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा, Interview.
  • प्राथमिक परीक्षा बहुत कठिन होती है जिसमे विधार्थी को कठिन मेहनत करनी पढ़ती है जिसमें विधार्थी से सामान्य ज्ञान, करेंट अफेयर, लोक प्रशासन, समाजशास्त्र, और अंग्रेजी जैसे विषयो से प्रश्न पूछे जाते है.
  • प्राथमिक परीक्षा पास करने के बाद ही विधार्थी को मुख्य परीक्षा में प्रवेश दिया जाता है यह परीक्षा भी कठिन होती है जिसमे को बहुत मेहनल करनी होती है जिसे पास करके बिधार्थी अंतिम परीक्षा में पहुँच जाता है 
  • अंतिम परीक्षा में विधार्थी का Interview लिया जाता है जिसमे विधार्थी के आत्मविश्वास की परीक्षा ली जाती है उसके निर्णय लेने की क्षमता को देखा जाता है एवं उसके सहन करने और कम्युनिकेशन स्किल को देखा जाता है.  
  • यदि आप डीएम बनने की परीक्षा देना चाहते है तो निचे दी गई link पर क्लिक कर सकते है 
DM से सबंधित – FAQ 

Dm Ki Salary

DM की सैलरी 1 लाख से 1.5 लाख रुपय प्रति माह होती है. 

Dm Ko Kya Kahate Hain

DM को जिलाधिकारी, जिला मजिस्ट्रेट, जिला प्रमुख कहा जाता है.

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