Custom विभाग क्या है -कस्टम विभाग में नौकरी कैसे पाये

इस पोस्ट में हम जानेंगे कस्टम विभाग क्या होता है कस्टम इंस्पेक्टर की सैलरी कितनी होती है, कस्टम विभाग में नौकरी ,कस्टम ऑफिसर क्या होता है, आदि इस आर्टिकल में आपको कस्टम विभाग से संबंधित सारी जानकारी मिलेंगी .

Custom विभाग क्या है -कस्टम विभाग में नौकरी कैसे पाये

Custom Vibhag Kya Hota Hai

कस्टम विभाग सेंट्रल गवर्नमेंट के अंतर्गत आता है कस्टम विभाग का काम बहुत ही जिम्मेदारी भरा होता है कस्टम विभाग देश की सुरक्षा से संबंधित काम करती हैं.

कस्टम विभाग अगर देखा जाए तो इनकम टैक्स के समान ही काम करता है .क्योंकि बिना कस्टम के ना कोई माल आयत हो सकता है और ना ही कोई माल निर्यात हो सकता है.

इसे जांचने का काम कस्टम इंस्पेक्टर के द्वारा किया जाता है यही कस्टम विभाग की जिम्मेदारी होती है कि जो भी माल निर्यात -आयात हुआ है उसे अच्छी तरह से जांच लें.
कस्टम विभाग को यह भी देखना होता है की ऐसी वस्तु जिस पर पाबंदी है वह  मैं देश के ना तो अंदर आ सकती है ना बाहर जा सकती है.

या ऐसा कोई भी सामान जो प्रतिबंधित है और उसकी तस्करी की जा रही है तो उसे कस्टम विभाग के द्वारा रोका जाएगा. 

कस्टम विभाग में नौकरी

कस्टम विभाग में नौकरी पाने के लिए सबसे पहले आपको यूपीएससी सिविल सर्विसेज की परीक्षा देना होगी जो हर साल यूपीएससी के द्वारा कंडक्ट होती है .

इसे आप UPSC की ऑफिसियल वेबसाइट पर जा कर देख सकते है जिसमें आप सम्मिलित होकर कस्टम विभाग में नौकरी पा सकते है.

कस्टम विभाग में नौकरी के लिए क्वालिफिकेशन होती है
जो नीचे दिए गयी है 

  1. कस्टम विभाग में नौकरी के लिए सबसे पहले आपको ग्रेजुएट होना चाहिए.
  2. आपकी उम्र 20 साल से 30 साल के बीच होना चाहिए.
  3. कस्टम ऑफिसर बनने के लिए आप की लंबाई 158 सेंटीमीटर और सीना 81 सेंटीमीटर होना चाहिए.
  4. आप भारत के नागरिक हो .
  5. आपका कोई क्रिमिनल रिकॉर्ड ना हो.
  6. कम्युनिकेशन स्किल्स अच्छी होना चाहिए.

इसके बाद हम बात करते हैं एग्जाम की

कस्टम विभाग का एग्जाम 3 तीन भाग होता है

  • सिविल सर्विसेज एप्टीट्यूड टेस्ट
  • सिविल सेवा मुख्य परीक्षा
  • व्यक्तिगत परीक्षण

सिविल सर्विस एप्टिट्यूड टेस्ट 200 अंक  का होता है अगर आप यह पास कर लेते हैं तो आपको मुख्य परीक्षा देने को मिलेगी .इसमें परीक्षा में 9 पेपर होते हैं.

सिविल सर्विस एप्टिट्यूड टेस्ट और मुख्य परीक्षा पास करने के बाद आपका इंटरव्यू होगा .जिसमें कस्टम विभाग से संबंधित जानकारी पूछी जाएगी.

अगर आप यह तीनों परीक्षा अपने पास कर ले तो आपको कस्टम विभाग में नौकरी मिल जाएगी.

कस्टम विभाग का कार्य

कस्टम विभाग का काम होता है केंद्रीय उत्पाद शुल्क और सीमा शुल्क की वसूली करना .कस्टम अधिकारी अपने क्षेत्र में आने वाली वस्तुओं की जांच करता है. जिससे प्रतिबंधित वस्तुएं उस क्षेत्र में नहीं आ पाए और अज्ञात वस्तुओं पर रोक लगाई जा सके.

कस्टम ऑफिसर के द्वारा सारी जानकारी को इकट्ठा करता किया जाता है की उस क्षेत्र में क्या आ रहा है क्या जा रहा है ,इसके लिए कस्टम ऑफिसर के द्वारा वस्तुओं और व्यक्तियों की जांच की जाती है और तस्करी पर पूर्ण रूप से प्रतिबन्ध लगाना कस्टम ऑफिसर का काम होता है. किसी भी व्यक्ति के पास गलत वस्तु पाए जाने पर उस व्यक्ति पर कानूनी कार्रवाई करने का अधिकार एक कस्टम विभाग को होता है.

कस्टम विभाग के बारे में

कस्टम विभाग एक सरकारी विभाग होता है जो राज्य सरकार और केंद्र सरकार के अधीन आता है. विभाग का आयकर विभाग के जैसा ही कार्य करता है .

जो वस्तुओं और माल के ऊपर टैक्स लेती है. देश में जितनी भी चीजें आयात- निर्यात होती हैं इन सभी पर कस्टम टैक्स लगाया जाता है.

अगर कोई कस्टम टैक्स नहीं देता है तो उस पर कार्रवाई की जाती है. कस्टम विभाग केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के अधीन राजस्व विभाग का एक ऐसा होता है.

जिसमें कस्टम हाउस केंद्रीय उत्पाद शुल्क ,केंद्रीय राज्य प्रयोगशाला आदि संगठनों का प्राधिकरण है.

कस्टम ऑफिसर क्या होता है

कस्टम अधिकारी हमारे देश में होने वाले माल के आयात और निर्यात पर एक तरह का टैक्स वसूल करते है .जो कस्टम अधिकारी के रूप में ड्यूटी करता है कस्टम अधिकारी होता है.

कस्टम अधिकारी का काम होता है आयात निर्यात को रोकना और ऐसी वस्तुओं पर प्रतिबंध लगाना जो गलत प्रयोग में लाई जाती हैं और उनकी जांच करना इसका मुख्य काम होता है .

किसी भी तरह का अवैध तस्करी करने से व्यक्ति को रोकता है यह पद बहुत ही जिम्मेदारी भरा होता है कस्टम अधिकारी को अच्छी खासी सैलरी मिलती है.

कस्टम इंस्पेक्टर सैलरी

कस्टम इंस्पेक्टर की सैलरी 40 से 50 हजार तक होती है और इसमें बहुत सारे भत्ते दिए जाते हैं.